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दुनिया में एक ऐसी जगह है, जहां बार-बार एक ही स्थान पर बिजली गिरती है, जानिए रहस्य

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जयपुर/राजस्थान: आज तक हमने बादलों को गरज-गरज के बरसते देखा है। वादियों से टकराते देखा है। लेकिन बरसात के साथ में आकाश से बिजली को गिरते भी देखा है। विज्ञान कहता है कि आकाश से बिजली दो बादलों के आपस में टकराने से उत्पन्न होती है। बिजली से जुड़े कई पुरानी कहानियां और कथाएं भी सुनने को मिलती है। लेकिन बिजली को लेकर कई पौराणिक मान्यता है और विज्ञान इस मान्यताओं खारिज करता है। अगर बिजली गिरती है तो उसका सबूत क्यों नहीं मिलता है। आकाशीय​बिजली एक स्थान पर बार-बार क्यों नहीं गिरती है। आकाश बिजली रांची के झारखंड में एक महल पर हर साल बिजली गिरने का दवा किया जाता है। यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि इस महल पर हर साल दर बिजली गिरती आ रही है। अर्थात लोगों का कहना है कि इस महल पर बिजली हर साल गिरती है। जिसके कारण पुरा महल जर्जर हो गया है। महल पर बिजली गिरने के कारण लगभग पूरा महल खंडर हो गया है। इस घटना के पीछे लोग पुराणिक कथा भी बताते हैं। कहा जाता है कि अंग्रेजो के क्रूरता में एक भारतीय सैनिक को बेरहमी से पीट पीट कर फांसी देदी थी। लोग कहते कि भारतीय सैनिक ने आखरी दम तोड़ते वक्त अंग्रेज...

भूत, प्रेत और आत्माओं का किला "भानगढ़" जानिए रहस्य

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जयपुर : भानगढ़ का किला भारत के सबसे प्रसिद्ध और रहस्यमय किलों में से एक है। यह राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है। भानगढ़ का किला अपनी भूतिया कहानियों और रहस्यमय घटनाओं के लिए जाना जाता है, जिसके कारण यह पर्यटकों के बीच एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन गया है। इतिहास: भानगढ़ का किला 17वीं शताब्दी में राजा सवाई माधो सिंह द्वारा बनवाया गया था। यह किला अपनी वास्तुकला और सुंदरता के लिए जाना जाता था। लेकिन कुछ समय बाद यह किला वीरान हो गया। भूतिया कहानियाँ: भानगढ़ किले से जुड़ी कई भूतिया कहानियाँ प्रचलित हैं। एक कहानी के अनुसार, एक तांत्रिक ने किले को श्राप दिया था, जिसके कारण यह वीरान हो गया। एक अन्य कहानी के अनुसार, किले में एक राजकुमारी रहती थी, जिसकी मृत्यु के बाद उसकी आत्मा किले में भटकती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सूर्यास्त के बाद किले में भूत-प्रेत सक्रिय हो जाते हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने भी सूर्यास्त के बाद किले में प्रवेश पर रोक लगा रखी है। पर्यटन: भानगढ़ का किला अपनी रहस्यमयता के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ हर साल हजारों पर्यटक आते हैं। यह कि...

जानिए पपलाज माता मंदिर का रहस्य | Lalsot

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लालसोट:  पपलाज माता मंदिर एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है जो राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट शहर के पास स्थित है। यह मंदिर माता दुर्गा को समर्पित है और स्थानीय लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है। मंदिर का इतिहास पपलाज माता मंदिर का इतिहास लगभग 1000 साल पुराना है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण गुर्जर प्रतिहार वंश के दौरान हुआ था। मंदिर में स्थापित माता की मूर्ति को एक चमत्कारी मूर्ति माना जाता है। मंदिर की वास्तुकला यह मंदिर एक पहाड़ी की तलहटी में स्थित है। मंदिर की वास्तुकला बहुत ही सुंदर और आकर्षक है। मंदिर की दीवारों पर विभिन्न प्रकार की नक्काशी की गई है। मंदिर में एक बड़ा मंच है, जिस पर माता की मूर्ति स्थापित है। मंदिर की मान्यताएं पपलाज माता मंदिर के बारे में कई मान्यताएं प्रचलित हैं। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यहां के स्थानीय लोगों के बीच यह मान्यता है कि पपलाज माता उनकी सभी विपत्तियों को दूर करती हैं और उनकी रक्षा करती हैं। मंदिर में उत्सव पपलाज माता मंदिर में साल भर कई उत्सव मनाए जाते हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण उत्सव ...

गुरुदेव श्री राज महाजन से जानें: धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या न खरीदें

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  धनतेरस के दिन किसकी पूजा से प्राप्त होंगे धन, समृद्धि  स्वास्थ्य धनतेरस का पवित्र पर्व इस वर्ष 29 अक्टूबर, 2024 को पूरे देश में उल्लास और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। यह शुभ दिन, कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि पर, भगवान धन्वंतरि, देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा का पर्व है। मान्यता है कि इस दिन देवी लक्ष्मी हर घर में सुख, समृद्धि, और धन का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। लोग इस दिन सोना-चांदी, बर्तन और अन्य कीमती वस्तुओं की खरीदारी को शुभ मानते हैं। साथ ही, भगवान धन्वंतरि की पूजा कर स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की जाती है। इस मौके पर, श्री राज महाजन ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वे बताते हैं कि धनतेरस पर कौन सी चीजें खरीदना शुभ माना जाता है और किन चीजों से परहेज करना चाहिए। धनतेरस पर क्या खरीदें: पान के पत्ते: श्री राज महाजन बताते हैं कि धनतेरस के दिन पांच पान के पत्ते खरीदना शुभ होता है, क्योंकि यह देवी लक्ष्मी को प्रिय हैं। इन पत्तों को घर लाकर दिवाली के दिन लक्ष्मीजी को अर्पित करें, और अगले दिन बहते जल में प्रवाहित कर दें। धनिया: धनतेरस के दिन साबुत धनि...

एक लड़का और सांप की प्रेम कहानी, जानिए हमें क्या प्रेरणा लेनी चाहिए

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जयपुर: एक बार एक लड़के ने एक सांप पाला, लड़का सांप से बहुत प्यार करता था। वह लड़का सांंप को उसके साथ ही घर में रहता था। एक बार वह सांप बीमार जैसा हो गया। जिसके कारण उसने खाना पीना भी छोड़ दिया था। सांप ने कई दिनों तक कुछ नहीं खाया। इसी कारण से लड़का भी परेशान हुआ और उसे वेटरिनरी डॉक्टर के पास ले गया।    डॉक्टर ने सांप का चैक अप किया और उस लड़के से पूछा क्या ये सांप आपके साथ ही सोता है। उस लड़के ने कहा जी हाँ, डॉक्टर ने फिर पूछा आपसे बहुत सट के सोता है। लड़के ने कहा जी हाँ, डॉक्टर ने एक बार फिर पूछा क्या रात को ये सांप अपनी पूरी बॉडी को स्ट्रेच करता है। ये सुन कर लड़का चौंक गया। उसने कहा हाँ डॉक्टर साहब ये रात को अपनी बॉडी को बहुत बुरी तरह स्ट्रेच करता है।इसलिए मुझसे इसकी इतनी बुरी हालत देखी नहीं जाती है। और मैं किसी भी तरह से इसका दु:ख दूर नहीं कर पाता हूँ। डॉक्टर ने कहा इस सांप को कोई बीमारी नहीं है। ये जो रात को तुम्हारे बिल्कुल बगल में लेट कर अपनी बॉडी को स्ट्रेच करता है। वो दरअसल तुम्हें निगलने के लिए अपने शरीर को तुम्हारे बराबर लम्बा करने की कोशिश करता है। वो लगात...

ERCP पर सहमति, डॉ किरोडी लाल मीणा का सपना साकार

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  जयपुर:  पूर्वी राजस्थान की लाइफ लाइन (ERCP-Est River canal project) पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना हैं। इस परियोजना की मांग लंबे समय से चल रही थी। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ किरोडी लाल मीणा ने यह सपना देखा था। जो लगभग अब पूरा होने जा रहा है। यह परियोजना लगभग 37000 करोड़ की मानी गई है। इस योजना का उद्देश्य पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में पानी पहुंचना है। जिससे 2.80 लाख हैक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। रविवार को दिल्ली में जल शक्ति केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की बैठक हुई है। इस बैठक में दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है। इस बैठक के दौरान भाजपा के केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री और विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहे हैं। बैठक खत्म होने के बाद दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री मीडिया से रूबरू हुए हैं। इस मिशन को हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिलकर जल्दी पूरा करेंगे। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल ...

Republic day: भारतीयों के लिए गर्व का त्योहार है

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  गणतंत्र दिवस (Republic Day) भारत में हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है और यह भारतीय संविधान की स्थापना की गई तिथि को याद करने का एक अवसर है। भारतीय संविधान को डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने तैयार किया था और इसे 26 जनवरी 1950 को पूर्ण रूप से क्रियाशील किया गया था। गणतंत्र दिवस का आयोजन भारतीय राजधानी नई दिल्ली में किया जाता है और इसे राष्ट्रपति द्वारा संबोधित किया जाता है। इस दिन भारतीय सेना, नौसेना, और वायुसेना की शक्तियों का परेड होता है जिसमें विभिन्न राज्यों से आए जाने वाले जवानों का समर्थन किया जाता है। गणतंत्र दिवस को याद करने का मुख्य उद्देश्य भारतीय संविधान को मानवाधिकारों और न्याय की आधारशिला मानकर देशवासियों को एकमतता और सामरिक समृद्धि की दिशा में प्रेरित करना है। इस दिन को राष्ट्रीय त्योहार के रूप में मनाने का भारत सरकार ने 1950 से शुरू किया था और यह एक राष्ट्रीय अवकाश है।

चाणक्य नीति के अनुसार धन कैसे कमाए जा सकता है

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चाणक्य नीति में धन कमाने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं। यहाँ कुछ मुख्य विचार दिए जा रहे हैं:   1. नौकरी और व्यापर: • चाणक्य नीति में यह सुझाव दिया गया है कि व्यक्ति को या तो अच्छा कार्य करके नौकरी करना चाहिए या फिर व्यापार में जुट जाना चाहिए। 2. वित्तीय योजना: • एक ठोस वित्तीय योजना बनाना चाहिए जो व्यक्ति को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद कर सके। 3. योजना और क्रियावली: • योजना बनाने के बाद उसे क्रियावली में बदलना चाहिए। योजना के अनुसार चलना महत्वपूर्ण है। 4. आय का संरक्षण: • चाणक्य नीति के अनुसार आय का संरक्षण करना बहुत महत्वपूर्ण है। अधिक खर्च करने से बचना चाहिए और धन को बचाए रखना चाहिए। 5. उपयुक्त निवेश: • चाणक्य नीति के अनुसार, धन को उपयुक्त रूप से निवेश करना चाहिए। विभिन्न निवेश विकल्पों का अध्ययन करना और बुद्धिमानी से निवेश करना चाहिए। 6. समझदारी से व्यवहार: • चाणक्य नीति के अनुसार, धन की प्राप्ति में समझदारी से व्यवहार करना चाहिए। अनैतिक या अनुयायी तरीकों से धन कमाना नहीं चाहिए। 7. शिक्षा और योग्यता: • चाणक्य नीति में यह भी उजागर है कि व्यक्ति को शिक्षित और योग्य बनने...