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अगर आप सिर दर्द से छुटकारा पाना चाहते हो, इन घरेलू नुस्खे व दवाओं का उपयोग करे

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आज के इस भागदौड़ से भरी जिंदगी के दोर में सिर दर्द जैसी बीमारियां का बच्चों से लेकर बुढ़े व्यक्तियों होना आम बात है। क्योंकि आज के युग में ज्यादातर युवा पीढ़ी सिरदर्द से परेशान है। सिर दर्द की एक ऐसी बीमारी है जो डॉक्टर से दवाई तो लेते हैं। लेकिन आराम ही मिलता फायदा नहीं। इसका एक कारण होता है। आज के युग में जो सिर दर्द करता है वह जरा अलग स्टाइल से करता है। जिन लोगों का सिर आदा दर्द करता है। उसे माइग्रेशन कहते हैं। लेकिन इसी बीमारी को हमारी आम भाषा में आधासीसी कहते हैं। जो इलाज आयुर्वेदिक दवाओं से संभव है। न की मेडिकल दवाओं से। सिर दर्द की बीमारी ज्यादा गंभीर तो नहीं होती है। लेकिन समय पर ध्यान नहीं दिया जाए तो यह बीमारी गंभीर रुप ले लेती है। सिर दर्द के कारण- आज के दौर में लोग अपने शरीर की आवश्यकता से ज्यादा काम धंधे करते हैं। रात को पूरी नींद नहीं लेना यह भी आज के लोगों में सबसे बड़ी समस्या पाई जाती है। सिर दर्द का कारण अधिक तनाव रहना भी है। आज सिर दर्द करने का सबसे बड़ा कारण बीड़ी सिगरेट गुटका शराब मार्केट के कोल्ड ड्रिंक्स जूस और जंक फूड आदि। सिर दर्द से पाएं छुटकारा ...

यदि आप दुबलेपन और शारीरिक कमजोरी से परेशान है, तो घरेलू नुक्से अपना कर छुटकारा पा सकते है

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दौसा : आज के समय में दुबलापन और शारीरिक कमजोरी अधिकतर लोगों में पाई जाती है। दुबलापन भी इतना खतरनाक होता है। जितना मोटापा होता है। आज के युग में भागदौड़ से भरी जिंदगी में लोगों को अपनी जिंदगी के बारे में सोचने का समय भी नहीं मिलता है ना खाने पीने का न अपनी दिनचर्या का हिसाब-किताब सही ढंग से नहीं लगा पाते हैं। वे अधिक पैसे कमाने के चक्कर में अपने शरीर में कई बीमारियां जनम ले लेती है। जिनसे सारी जिंदगी भर लड़ते रहते हैं दुबलापन व शारीरिक कमजोरी के कारण- दुबलापन व शारीरिक कमजोरी आज के युग में ज्यादातर लोगों को भूख ना लगने की समस्या है। जिससे पाचन शक्ति कमजोर होती है। और भोजन सही तरह से नहीं पच पाता है। धूम्रपान व चाय बेरी शराब का अधिक सेवन करना। इनके सेवन से भी शारीरिक कमजोरी आती है। और कम सोना समय पर खाना नहीं खाना। जीवन में यह छोटी-छोटी गलतियां मानव के शरीर में कई बीमारियों को जन्म दे देती है। और व्यक्ति की कमजोरी और दुबलापन का एक और कारण होता है। जीवन में चिंता करना कहते हैं चिंता जिंदे को जला देती है और चीता मुर्दे को जला देती है। चिंता के कारण मानव के शरीर में कमजोरी और दुबल...

भारत में कोर्णाकए के सूर्य मंदिर के बारे में जानकर, आप हैरान रह जाएंगे, जानिए रहस्य

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प्राचीन काल से उड़िसा में स्थित​ कोणार्क का सुर्य मंदिर के बारे में आज हम आपको बताएंगे। वैसे तो हमारे हिंदू समाज में मंदिर को भगवान का घर मानते हैं। इस इसलिए लोग प्रातकाल और सायं काल मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं। आज तक किसी ने भगवान को तो नहीं देखा। लेकिन यह भी कोई नहीं जानता है कि भगवान हमारे बीच होता है कि नहीं होता है। लेकिन हमारे हिंदू समाज में मान्यता है कि मंदिर में भगवान होता है और उसकी पूजा करने से सुख समृद्धि और घर में शांति मिलती है। इसीलिए हमारे भारतवर्ष में मंदिरों का विशिष्ट स्थान है। कोणार्क का सूर्य मंदिर चंद्रभागा नदी के किनारे उड़ीसा में स्थित है।   कोणार्क का सूर्य मंदिर भारत के प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर को यूनेस्को ने विश्व धरोहर में शामिल किया है। कोणार्क का सुर्य मंदिर अपनी खूबसूरती के साथ-साथ वास्तुकला के हिसाब से ही दुनिया के मंदिरों से कुछ अनोखा है। यह मंदिर प्राचीन वास्तुकला और तकनीकी कारीगरी के बारे में बताता है। इस मंदिर को राजा नृसिंह देव ने प्राचीन काल में बनाया था। यह मंदिर लाल बलुआ पत्थर से और काले ग्रेनाइट पत्थर से बना हुआ है। यह मंदिर भार...

दुनिया में एक ऐसी जगह है, जहां बार-बार एक ही स्थान पर बिजली गिरती है, जानिए रहस्य

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जयपुर/राजस्थान: आज तक हमने बादलों को गरज-गरज के बरसते देखा है। वादियों से टकराते देखा है। लेकिन बरसात के साथ में आकाश से बिजली को गिरते भी देखा है। विज्ञान कहता है कि आकाश से बिजली दो बादलों के आपस में टकराने से उत्पन्न होती है। बिजली से जुड़े कई पुरानी कहानियां और कथाएं भी सुनने को मिलती है। लेकिन बिजली को लेकर कई पौराणिक मान्यता है और विज्ञान इस मान्यताओं खारिज करता है। अगर बिजली गिरती है तो उसका सबूत क्यों नहीं मिलता है। आकाशीय​बिजली एक स्थान पर बार-बार क्यों नहीं गिरती है। आकाश बिजली रांची के झारखंड में एक महल पर हर साल बिजली गिरने का दवा किया जाता है। यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि इस महल पर हर साल दर बिजली गिरती आ रही है। अर्थात लोगों का कहना है कि इस महल पर बिजली हर साल गिरती है। जिसके कारण पुरा महल जर्जर हो गया है। महल पर बिजली गिरने के कारण लगभग पूरा महल खंडर हो गया है। इस घटना के पीछे लोग पुराणिक कथा भी बताते हैं। कहा जाता है कि अंग्रेजो के क्रूरता में एक भारतीय सैनिक को बेरहमी से पीट पीट कर फांसी देदी थी। लोग कहते कि भारतीय सैनिक ने आखरी दम तोड़ते वक्त अंग्रेज...

रामेश्वरम में कब और कैसे बना राम सेतु पुल, जानिए रहस्य

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कहानी का परिचय –  प्राचीन काल के त्रेता युग में भगवान वाल्मीकि द्वारा रची गई रामायण में राम सेतु पुल का जिक्र मिलता है। दावा किया जाता है कि आज से 9000 साल पहले इस धरती पर भगवान विष्णु के अवतार में भगवान राम ने जन्म लिया था। जिन्होंने माता सीता के याद में राम सेतु पुल का निर्माण किया था।  राम सेतु पुल रामेश्वर से लेकर श्रीलंका के मन्नार खाड़ी तक है। रामसेतु पुल की कुल लंबाई 38 किलोमीटर​ है। यह राम सेतु पुल उनकी सेना में नल और नील के हाथों से निर्माण किया गया था। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रची गई रामायण में राम सेतु पुल का निर्माण लंका पर चढ़ाई करने के लिए किया गया था। क्योंकि भगवान राम की सेना विशाल समुद्र को पार नहीं कर सकती थी। राम सेतु पुल हिंदुओं का सबसे बड़ा आस्था का केंद्र है। रामेश्वरम में राम सेतु पुल के तैरते पत्थरों​ का रहस्य– रामेश्वर में भगवान राम के द्वारा रामसेतु पुल का निर्माण किया गया था। राम सेतु पुल के पत्थर आज भी पानी में क्यों नहीं बोलते हैं? और रामसेतु के पुल के पत्थर आज भी पानी पर तैरते हैं। प्राचीन काल से ही रामेश्वर का स्थान हिंदुओं में एक धार्मिक आ...

मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण रोचक बातें

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जयपुर : आज हम आपको महाराणा प्रताप जीवन के बारे में बताएंगे। राजस्थान की धरती लोक देवता वीर महापुरुषों की जन्मस्थली​ है। राजस्थान की धरती वीर महाराणा प्रताप पृथ्वीराज चौहान दुर्गादास राठौड़ सवाई जयसिंह जैसे महावीरो की जन्म भूमि है। राजस्थान की धरती पर ऐसे वीर सपूत पैदा हुए है। जिनका नाम इतिहास के हर पन्ने पर दर्ज है। महाराणा प्रताप राजस्थान के उन वीर शासकों में से एक था। महाराणा प्रताप राजस्थान के मेवाड़ जिले पर राजपूत शासक थे। सोलहवीं शताब्दी में मेवाड़ के ऊपर महाराणा प्रताप का शासन था। उस समय पूरा देश मुगल शासक अकबर के अधीन था। महाराणा प्रताप जानिए महाराणा प्रताप के जीवन की महत्वपूर्ण बातें- सन 18 जून 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध महाराणा प्रताप और अकबर के बीच लड़ा गया था। हल्दीघाटी का युद्ध महाराणा प्रताप और अकबर के बीच इतना भीषण हुआ था। जिससे लोग दूसरा महाभारत का युद्ध मानते हैं।इतिहास में दुनिया का यह सबसे बड़ा भीषण युद्ध था। इतिहासकारों का दावा है कि महाराणा प्रताप और अकबर के बीच जो भीषण युद्ध लड़ा गया था। उसका कोई नतीजा नहीं निकला था। महाराणा प्रताप के पास सेना कम थी ले...

एक संत ने बेटियों को लेकर समाज को क्या संदेश दिया? किससे तुलना की

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जयपुर : इस कहानी के अंदर हमारे समाज में बेटियों का कितना ऊंचा स्थान है। इसको लेकर हम साधु संतों से लेकर आपको बताएंगे। एक संत की कथा में एक बालिका खड़ी हो गई। चेहरे पर झलकता आक्रोश संत ने पूछा - बोलो बेटी क्या बात है? बालिका ने कहा-महाराज हमारे समाज में लड़कों को हर प्रकार की आजादी होती है। वह कुछ भी करे कहीं भी जाए उस पर कोई खास टोका टाकी नहीं होती। इसके विपरीत लड़कियों को बात बात पर टोका जाता है। बेटी यह मत करो यहाँ मत जाओ घर जल्दी आ जाओ आदि। संत मुस्कुराए और कहा बेटी तुमने कभी लोहे की दुकान के बाहर पड़े लोहे के गार्डर देखे हैं? ये गार्डर सर्दी गर्मी बरसात रात दिन इसी प्रकार पड़े रहते हैं। इसके बावजूद इनका कुछ नहीं बिगड़ता और इनकी कीमत पर भी कोई अन्तर नहीं पड़ता।लड़कों के लिए कुछ इसी प्रकार की सोच है समाज में। अब तुम चलो एक ज्वेलरी शॉप में। एक बड़ी तिजोरी उसमें एक छोटी तिजोरी।उसमें रखी छोटी सुन्दर सी डिब्बी में रेशम पर नज़ाकत से रखा चमचमाता हीरा। क्योंकि जौहरी जानता है कि अगर हीरे में जरा भी खरोंच आ गई तो उसकी कोई कीमत नहीं रहेगी। समाज में बेटियों की अहमियत भी कुछ इसी प्रकार क...

शक्कर अपने टेस्ट में हुई फेल, नकली चीनी से आप भी हो जाएं सावधान? जांच में प्लास्टिक मिला

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जयपुर : आज के युग में हर चीज में मिलावट आती है। हम बाजार से जितना भी सामान लेते हैं। उस में मिलावट आता है। हमने अनेक प्रकार की चीजों में मिलावट के बारे में पाया गया है। इसलिए खाद्य विभाग की टीम जम्मा खोरों वह मिलावट खोरों के खिलाफ अधिकतर दुकानों पर छापा मारती है। लेकिन हमने सोचा कि क्या शक्कर में भी मिलावट आती है? वैसे तो हम कई प्रकार की चीजों में मिलावट का जहर खा रहे हैं। इसलिए हमने शक्कर का मिलावट चेक करने के लिए घर पर प्रशिक्षण किया। शक्कर   हम शक्कर का रियलिटी टेस्ट करेंगे। आज तक हमने शक्कर को गन्ने से बनते देखा है। लेकिन जब आप शक्कर को प्लास्टिक से बनते​ देखोगे तो हैरान हो जाओगे। बाजार से लाई गई शक्कर आम जिंदगी के लिए कितना खतरनाक है   इसका अंदाजा है क्या? आज हम आपको ओरिजिनल वीडियो के साथ रियलिटी टेस्ट करना सिखाएंगे। वह भी घर पर। गन्ने से बनी हुई शक्कर है स्वास्थ्य के लिए कोई नुकसानदयक नहीं होती है। लेकिन जब आप मिलावट युक्त शक्कर खाएंगे। अर्थात प्लास्टिक से बनी हुई चीनी खाएंगे तो आपकी सेहत पर क्या असर होगा? इससे पहले हमने बाजार में प्लास्टिक के चावल के रूप मे...

एक बार फिर दहल उठी​, जम्मू कश्मीर की घाटी 5 घंटे में 6 आतंकवादी हमले

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जयपुर: शाम को एक बार फिर जम्मू कश्मीर में आतंकी हमला हुआ। हमला इतना भयानक था जिसमें जम्मू-कश्मीर दहल उठा। जम्मू कश्मीर के पूर्व घाटी में भारतीय सीआरपीएफ के जवानों के अड्डों पर भयंकर गोलाबारी की। जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना ने भी मुंह तोड़ जवाब दिया। भारतीय फोज कल शाम को भारतीय सेना पर 5 घंटे में 6 आतंकी हमला हुआ। जम्मू कश्मीर के पूर्व जज के दो गार्डों को आतंकी गोली मारकर हथियार लुटकर फरार हो गए। आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर के पुलिस थाना पर वे ग्रेनेड से आतंकी हमला किया पूरी घाटी दहस्त से गूंज रही है। यह आतंकी हमला अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाकर किया गया है। इस आतंकी हमले में भारत के कुल 13 जवान जख्मी हो गए। जिसमें चार जवानों को जम्मू कश्मीर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और दो कि हालात नाजुक बनी हुई है। कल शाम से ही भारतीय सैनिक और पुलिस मिलकर जम्मू कश्मीर के पूर्व घाटी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। भारतीय सेना आतंकी हमले को लेकर और सजग हो चुकी है। रक्षा मंत्रालय लगातार भारतीय सेना से जुड़कर बात कर रहा है। भारतीय सेना पर आतंकवादियों ने ग्रेनेड से हमला किया है। आज...

ताजमहल का रहस्य: जानिए बेगम मुमताज रोने का सच

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   शाहजहां ने बेगम मुमताज की याद में ताजमहल का निर्माण करवाया | Taj Mahal  जयपुर : दुनिया की विश्व प्रसिद्ध इमारत ताजमहल भारत के उत्तर प्रदेश राज्य, आगरा शहर में यमुना नदी के किनारे स्थित है। यह मकबरा मुगलकालीन शासन में अपनी बेगम मुमताज की याद में शाहजहाँ ने बनवाया था। जो पुरी दुनिया में सात अजूबो में से एक है। ताजमहल संगमरमर के पत्थर से निर्मित है। जिसके कारण चांदनी रात में ताजमहल का साॅन्दर्य दुगना हो जाता है। कहा जाता है कि उस युग में ताजमहल को बनाने में 20-25 लाख रूपये खर्च हुए थे। अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कितना रूपये खर्च हुए थे। जिस कारीगर ने ताजमहल को बनाया था। उसको अपने प्यारे हाथ गँवाने पड़े थे। यह संगमरमर पत्थर से निर्मित ताजमहल शाहजहाँ और मुमताज के प्रम की निशानी है। जिसे आज पुरी दुनिया वाकिफ हैं। बताया जाता है कि शाहजहाँ और मुमताज एक दुसरे इतना गहरा प्रेम करते थे। वो कभी पिछडना नही चाहते थे। लेकिन एक दिन समय आ चुका था जब मुमताज बीमारी से पीड़ित शाहजहाँ से पहले चल बसी, तब शाहजहाँ ने अपनी बेगम मुमताज की याद में ताजमहल बनवाया था। जो आज पुरे विश्व ...